मिंजर मेले का कल २५ जुलाई को चंबा के चौगन में विधिवत शुभारम्भ हुआ इस अवसर पर वैसे तोह बतोर मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश की महामहिम राज्यपाल उर्मिला सिंह को आना था लेकिन शिमला में भारी बरसात के चलते वो चंबा न आ सकी तोह उनके स्थान पर चंबा सदर के विधायक ने मिंजर मेले का शुभारम्भ विधिवत रूप से किया परन्तु चंबा का यह एतिहासिक मेला भी राजनेताओ की राजनीती से नहीं बच पाया क्यूंकि यह मेला केवल चंबा सदर की जनता का न होकर समस्त चंबा जिला के लोगो की भावनाओ के साथ जुड़ा है परन्तु शायद चंबा सदर के इलावा बाकि क्षेत्रो से जनता का प्रतिनिधितव करने वाले नेता यह बात ही भूल गए थे क्यूंकि रातनीति के चलते चंबा जिला के किसी भी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने चंबा के इस पारम्परिक और एतिहासिक मेले के शुभारम्भ पर शिरकत तक न की और इस बात से चंबा जिला की जनता बोहत आहात हुई है और जनता केवल अपना प्रतिनिधितव करने वाले नेताओ से यही पूछना चाहती है की क्या नेता राजनीति के चाकर में चंबा के इस पर्व को भी भूलते जा रहे है और नेता अब इस राजनीती के चलते ऐसे सामाजिक और पारंपरिक पर्वो पर भी राजनीति का गन्दा खेल आखिर कब तक जरी रखेंगे ……………………………………………..
मेले भी नहीं बच पा रहे अब राजनीती के दल दल से???……………………….
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